➤ वन विभाग में 500 सहायक वन रक्षकों के नए पद सृजित
➤ पुराने 500 वन रक्षक पद खत्म, अब फिक्स मानदेय पर भर्ती
➤ वन मित्रों को 50% आरक्षण और अनुभव की अनिवार्यता खत्म
सरकार ने 500 सहायक वन रक्षक (Assistant Forest Guards) के नए पद सृजित करने को मंजूरी दे दी है। इस निर्णय को राज्यपाल की स्वीकृति मिलने के बाद वन विभाग के ‘ए’ सेक्शन द्वारा इसकी आधिकारिक अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। खास बात यह है कि इन नए पदों को सृजित करने के लिए विभाग में पहले से मौजूद 500 वन रक्षकों (Forest Guards) के पदों को समाप्त कर दिया गया है, जिससे यह बदलाव केवल संख्या नहीं बल्कि पूरी भर्ती व्यवस्था को प्रभावित करेगा।
नई व्यवस्था के तहत इन पदों पर चयनित उम्मीदवारों को नियमित वेतनमान के बजाय 16,000 रुपये प्रति माह का निश्चित मानदेय (Fixed Honorarium) दिया जाएगा। इस फैसले को लेकर कर्मचारियों और युवाओं के बीच चर्चा तेज हो गई है, क्योंकि यह पारंपरिक सरकारी भर्ती मॉडल से अलग एक नया प्रयोग माना जा रहा है।
सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में वन मित्रों (Van Mitras) को विशेष प्राथमिकता देते हुए उनके लिए 50 प्रतिशत पद आरक्षित किए हैं। इतना ही नहीं, वन मित्रों को राहत देते हुए उनके लिए किसी भी प्रकार के न्यूनतम कार्य अनुभव (Length of Experience) की अनिवार्यता भी समाप्त कर दी गई है। यह कदम उन युवाओं के लिए बड़ा अवसर माना जा रहा है जो लंबे समय से वन मित्र के रूप में कार्य कर रहे थे लेकिन अनुभव शर्तों के कारण पीछे रह जाते थे।
यह आदेश अतिरिक्त मुख्य सचिव (वन) कमलेश कुमार पंत की ओर से जारी किया गया है। अधिसूचना में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वन विभाग जल्द से जल्द भर्ती एवं पदोन्नति (R&P) नियमों का ड्राफ्ट तैयार करे, ताकि भर्ती प्रक्रिया को बिना देरी के शुरू किया जा सके। सरकार का उद्देश्य इस नई व्यवस्था के माध्यम से वन संरक्षण कार्यों को अधिक प्रभावी बनाना और युवाओं को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराना है।



